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Partition

Partition of India - refugees displaced by the partition

Monday, May 2, 2016

मुसलमानों के वोट से बनेगा जनादेश बम से चार मरे तो छह साल की मासूम बच्ची ईशानी को हवा में उछाल दिया भूतों ने और उसे चोटें भी खूब आयी है। इस लोकतंत्र में वोटर कितने आजाद हैं,बंगाल के नतीजे बतायेंगे,बाकी हिंसा का सिलसिला जारी आतंक का यह रसायन अंतिम चरण में भी काम करेगा कि देखो,बिगड़ैल जनता से सत्ता कैसे निबटती है। केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग की वाम कांग्रेस भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप तो वे शुरु से लगाती रही हैं,अब आखिरी चरण के लिए अपनी चुनाव सभाओं में अपनी ही पुलिस पर वे खूब बरस रही हैं और खुलेआम कह रही हैं कि उनकी पुलिस बिगड़ गयी है और चुनाव जीतने के बाद वे बिगड़ैल पुलिस का इलाज करेंगी।जिन कल्बों को पिछले पांच साल के दौरान राज्यकर्मचारियों का वेतर रोककर खैरात बांटे गये,वे भी उनके हक में वोट नहीं करा सकें हैं,यह शिकायत करके मुख्यमंत्री खुलेआम कह रही हैं कि चुनाव जीत लेने के बाद सबकी खबर लेंगी वे। यह तो बाद की बात है।फिलहाल जहां वोट पड़ चुके हैं ,वहां विपक्षी एजंटों,नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा वोटरों को भी सबक खूब पढ़ाया जा रहा है।हाथ पांव तोड़े जा रहे हैं।आगजनी बमबाजी वगैरह वगैरह

ABP Anand reports:

মালদায় বোমা উদ্ধারের সময় বিস্ফোরণ, নিহত সিআইডি বম্ব স্কোয়াডের ২ কর্মী, জখম ১

মালদায় বোমা উদ্ধারের সময় বিস্ফোরণ, নিহত সিআইডি বম্ব স্কোয়াডের ২ কর্মী, জখম ১

মালদা: তৃণমূল নেতার বাড়িতে লুকোনো বোমা উদ্ধারের সময় বিস্ফোরণ। সিআইডির বম্ব স্কোয়াডের দুই কর্মীর মৃত্যু। জখম একজনের অবস্থা আশঙ্কাজনক। উপযুক্ত সতর্কতা না নেওয়ার


পুলিশকে
পুলিশকে 'হুমকি' মমতার, সিডি চেয়ে পাঠাল কমিশন

কলকাতা: পুলিশের উদ্দেশ্যে মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়ের হুমকি নিয়ে মুখ্য নির্বাচনী...

ফের আক্রান্ত শৈশব! ফের কাঠাগড়ায় তৃণমূল
ফের আক্রান্ত শৈশব! ফের কাঠাগড়ায় তৃণমূল

দক্ষিণ ২৪ পরগনা: ভোটের মধ্যে ফের আক্রান্ত শৈশব! হালিশহর, ভাঙড়, হরিদেবপুরের পর এবার...

मुसलमानों के वोट से बनेगा जनादेश

बम से चार मरे तो छह साल की मासूम बच्ची ईशानी को हवा में उछाल दिया भूतों ने और उसे चोटें भी खूब आयी है।

इस लोकतंत्र में वोटर कितने आजाद हैं,बंगाल के नतीजे बतायेंगे,बाकी हिंसा का सिलसिला जारी

आतंक का यह रसायन अंतिम चरण में भी काम करेगा कि देखो,बिगड़ैल जनता से सत्ता कैसे निबटती है।


केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग की वाम कांग्रेस भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप तो वे शुरु से लगाती रही हैं,अब आखिरी चरण के लिए अपनी चुनाव सभाओं में अपनी ही पुलिस पर वे खूब बरस रही हैं और खुलेआम कह रही हैं कि उनकी पुलिस बिगड़ गयी है और चुनाव जीतने के बाद वे बिगड़ैल पुलिस का इलाज करेंगी।जिन कल्बों को पिछले पांच साल के दौरान राज्यकर्मचारियों का वेतर रोककर खैरात बांटे गये,वे भी उनके हक में वोट नहीं करा सकें हैं,यह शिकायत करके मुख्यमंत्री खुलेआम कह रही हैं कि चुनाव जीत लेने के बाद सबकी खबर लेंगी वे।


यह तो बाद की बात है।फिलहाल जहां वोट पड़ चुके हैं ,वहां विपक्षी एजंटों,नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा वोटरों को भी सबक खूब पढ़ाया जा रहा है।हाथ पांव तोड़े जा रहे हैं।आगजनी बमबाजी वगैरह वगैरह जारी हैं।जिन बमों का इस्तेमाल बूथों पर हो नहीं पाया है,वे भी जहां तहां फटने लगे हैं।नतीजे आने के बाद बाकी हिसाब बराबर होगा,जाहिर है।

एक्सकैलिबर स्टीवेंस विश्वास

हस्तक्षेप

বোমা নিষ্ক্রিয় করতে গিয়ে মৃত্যু হল সিআইডির বম্ব স্কোয়াডের দুই অফিসারের

বোমা নিষ্ক্রিয় করতে গিয়ে মৃত্যু হল সিআইডির বম্ব স্কোয়াডের দুই অফিসারের

ঝিটকা আর আলিপুরদুয়ারের পুনরাবৃত্তি এবার মালদার বৈষ্ণবনগরে। বোমা নিষ্ক্রিয় করতে গিয়ে মৃত্যু হলেন সিআইডির বম্ব স্কোয়াডের দুই অফিসার। মৃতের নাম বিশুদ্ধানন্দ মিশ্র ও সুব্রত চৌধুরী। জখম আরও এক অফিসার মনিরুজ জামালের অবস্থা আশঙ্কাজনক। মালদহ মেডিক্যাল কলেজ হাসপাতালে ভর্তি রয়েছেন তিনি।মালদার বৈষ্ণবনগরে বিস্ফোরণের তদন্তে যান ওই তিনজন

आखिर इस चुनाव में भी मुसलमानों के वोट से जनादेश बन रहा है बंगाल में।35 साल तक इस अटूट वोट बैंक के सहारे बंगाल में वामशासन जारी रहा है और औचक नंदीग्राम,सिंगुर जैसे तमाम मुस्लिम बहुल इलाकों के गरीब किसानों की जमीन पर अंधाधुंध शहरीकरण और औद्योगीकरण की आंधी से वह वोट बैंक दीदी के खाते में स्थानांतरित हो गया है।संघ परिवार की हर चंद कोशिश से वह वोटबैंक केसरिया सुनामी के मुकाबले किसके साथ है या सिरे से पलट गया है,कहना मुश्किल है।


हिंदू राष्ट्र में लोकतंत्र,कानून का राज और संविधान का कुल पर्यावरण यह है कि जैसे हिमालय में दावानल है और उसकी आंच मैदानों तक कहीं पहुंचती ही नहीं है।


आतंक का रसायन जिनके लिए हैं,उनके अलावा बाकी लोगों को अहसास भी नहीं है कि कितीन स्वतंत्रता ,कितनी सहिष्णुता और कितनी बहुलता हमारी सांस्कृतिक विरासत की अभी बची खुची सही सलामत है।


इस मर्ज का क्या कहिए कि अब भी हर चुनाव में बूथों की रक्षा करने के लिए सरहद पर दुश्मनों का मुकाबले तैनात रहनेवालों को लोकतंत्र उत्सव में जनादेश की पहरेदारी के लिए तलब किया जाता है और उनकी मौजूदगी में भी वोटर समीकरण में राजनीति कम अपनी जान माल की सलामती का सबसे ज्यादा ख्याल करता है।


हिंदुत्व का एजंडा इस कदर सर चढ़कर बोल रहा है कि देश में कहीं भी चुनाव हो मुसलमानों का सरदर्द यही होता है कि किसे वोट दें तो उनकी जान और माल सही सलामत रहनेवाली है।


बंगाल के मुसलमानों ने इस पहेली को कैसे सुलझाया है,इस पर बंगाल का जनादेश निर्भर है।संघ परिवार की नकली सुनामी से डर कर भाजपा को हराने के लिए उनने किसे वोट डाला है,यह तय करने वाला है जनादेश।

কসবায় সিপিএম কর্মীকে বিবস্ত্র করে মার, আক্রান্ত কংগ্রেসও

কসবায় সিপিএম কর্মীকে বিবস্ত্র করে মার, আক্রান্ত কংগ্রেসও

কলকাতা: যে রাতে বাঘাযতীনে আক্রান্ত হল সিপিএম সমর্থক পরিবারগুলি, সে রাতেই সিপিএমের উপর...


बहरहाल धर्मोन्मादी इस ध्रूवीकरण से फिलहाल फायदा दीदी को नजर आ रहा है।इसका फौरी नतीजा यह हो सकता है कि दीदी की सत्ता में वापसी के साथ बिहार फार्मूले पर विपक्ष की हैरतअंगेज गोलबंदी से निबटकर बेहतर हालत में यूपी का चुनाव लड़ सकती है भाजपा,बाकी कहीं के नतीजे कुछ भी हो,फर्क पड़ता नहीं है।


बहरहाल बंगाल में आखिरी चरण के लिए मतदान 5 मई को निबट जायेगा और फिर 19 मई तक लंबा इंतजार।जंगल महल के बाद चुनावों में फर्जी मतदान की शिकायतें बेहद कम रही तो कमसकम मतदान के दौरान हिंसा छिटपुट ही रही।


आगजनी बमबाजी वगैरह वगैरह जारी हैं।जिन बमों का इस्तेमाल बूथों पर हो नहीं पाया है,वे भी जहां तहां फटने लगे हैं।नतीजे आने के बाद बाकी हिसाब बराबर होगा,जाहिर है।


मसलन मालदा जिले के जौनपुर में एक मकान में कथित रूप से बम बनाते वक्त रविवार देर रात विस्फोट होने से चार लोगों की मौत हो गई। जबकि छह लोग घायल हो गए। गौरतलब है कि यह घटना ऐसे समय पर हुई है जब पांच मई को राज्य में आखिरी चरण के चुनाव होने हैं।पुलिस अधीक्षक सैयद वकार रजा ने बताया कि यह घटना उस समय हुई जब बांग्लादेश की सीमा से सटे इलाके में देर रात करीब एक बजे गियासु शेख के मकान में बम बनाए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि इस घटना में स्थानीय गुंडे शामिल थे। गियासु फरार है। जिले में 17 अप्रैल को चुनाव हुआ था। यह मकान तृणमूल नेता का बताया जा रहा है।तृणमूल का इंकार।


इसकी उलट खबर यह है कि धमाके की गूंज सुनाई दी है और मालदा में तृणमूल कांग्रेस के एक पंचायत प्रधान समेत चार लोगों की बम से उड़कार हत्या कर दी गई है। हत्या के लिए कथित कांग्रेस समर्थकों को आरोपी बताया जा रहा है।

घटना मालदा के बैष्णबनगर की है। तृणमूल का आरोप है  कि चुनाव में कांग्रेस को वोट नहीं देने के कारण इस वारदात को अंजाम दिया गया।


बहरहाल पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है, वहीं मालदा जिला कांग्रेस के महासचिव नरेंद्रनाथ तिवारी ने इस ओर आरोपों को खारिज किया है। उनका कहना है कि यह कांग्रेस को बदनाम करने की साजिश है।


इस सिलसिले में  पुलिसका बयान गौरतलब है, ''एक घर में हुए एक विस्फोट में चार लोगों की मौत हो गई और चार अन्य लोग घायल हो गए। प्रारंभिक रिपोर्टों के अनुसार, घर में देसी बम रखे हुए थे, जिनमें विस्फोट हो गया।'' घायलों को मालदा मेडिकल कॉलेज एंड अस्पताल में भर्ती कराया गया है।


केंद्रीय वाहिनी और चुनाव आयोग की इस सिलसिले में तारीफ करनी ही होगी कि भूतों के नाच पर अंकुश तो लगा ही जनादेश लूटने के दहशतगर्द इंतजामात को भी अंजाम तक पहुंचने नहीं दिया।कहा जा रहा है कि इतना शांतिपूर्ण मतदान दशकों में नहीं हुआ है।यही फौरी अमन चैन दीदी के सरदर्द का सबब है।


पिछले चुनाव के चुपचाप फूल छाप की यादे ताजा हैं और 2011 में यादवपुर से तत्रकालीन मुख्यमंत्री की हार का अनुभव भी धूमिल हुआ नहीं है।बिगड़ैल जनता का कोई अचूक इलाज किसी की मझ से बाहर है।तब भी समझा जा रहा था कि वाम जनाधार अटूट तो मुसलमानों का वोटबैंक जस का तस।


सभाओं में तब भी भारी भीड़ थी वाम समर्थन में और तब बूथों पर वाम वर्चस्व ही दीख रहा था।जनता ने चुपचाप परिवर्तन कर दिया और सत्ता के लिए उस परिवर्तन की याद से बचने के लिए बेलगाम हिंसा ही सबसे बढ़िया जवाब सूझ रहा है।हिंसा थम नहीं रही है।


हालीशहर में तीन साल की जख्मी बच्ची की तस्वीर अभी हटी नहीं है कहीं से तो कैनिंग में पोस्चर को पतंग बना देने की सजा भी याद है तो अब दीदी के खास तालुक दक्षिण कोलकाता के हरिदेवपुर में एक मासूम पर फिर हमला हो गया।जहां से कार्टून शेयर करने वाले यादवपुर विश्वविद्यालय के निर्दलीय प्रोफेसर अंबिकेश वाम कांग्रेस गठबंधन के प्रत्याशी हैं।


छह साल की मासूम बच्ची ईशानी को हवा में उचाल दिया भूतों ने और उसे चोटें भी खूब आयी है।


आरोप है कि रविवार की शाम से लगभग पूरे  दक्षिण कोलकाता में कस्बा,बाघा जतीन,पेयाराबागान,गांगुलीबागान,वैष्णवघाटा,पाचुली वगैरह वगरह स्थानों पर फर्जी मतदान में नाकाम भूतों की बाइक वाहिनी हंगामा बरपा रही है।


करीब सौ बाइक के साथ उनका अश्वमेध जारी है और पुलिस की मौजूदगी में ही विपक्षी समर्थकों,कार्यकर्ताओं और आम वोटरों पर हमले हो रहे हैं।ये हमले टीवी पर लाइव है।तो आतंक का यह रसायन अंतिम चरण में भी काम करेगा कि देखो,बिगड़ैल जनता से सत्ता कैसे निबटती है।


जाहिर है कि सत्ता दल और सरकार तमाम लाइव खबरों का खंडन करने में लगी है।


इसी सिलसिले में हरिदेवपुर के पेयाराबागान के एक समर्थक की छह साल की बच्ची ईशानी पात्र को भी लोकतंत्र का सबक सिखाया गया है।उसका जुर्म इतना है कि उसकी चाची स्मिता पात्र बालिगंज विधानसभा क्षेत्र में मंत्री सुब्रत मुखर्जी के खिलाफ कांग्रेस प्रत्याशी कृष्णा देवनाथ की पोलिंग एजंट रही हैं।


बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी अमन चैन बहाली के साथ हुए इस चुनाव से खुश नहीं हैं।


केंद्रीय बलों और चुनाव आयोग की वाम कांग्रेस भाजपा के साथ मिलीभगत का आरोप तो वे शुरु से लगाती रही हैं,अब आखिरी चरण के लिए अपनी चुनाव सभाओं में अपनी ही पुलिस पर वे खूब बरस रही हैं और खुलेआम कह रही हैं कि उनकी पुलिस बिगड़ गयी है और चुनाव जीतने के बाद वे बिगड़ैल पुलिस का इलाज करेंगी।


जिन कलबों  को पिछले पांच साल के दौरान राज्य कर्मचारियों का वेतन रोककर खैरात बांटे गये,वे भी उनके हक में वोट नहीं करा सकें हैं,यह शिकायत करके मुख्यमंत्री ममता बनर्जी खुलेआम कह रही हैं कि चुनाव जीत लेने के बाद सबकी खबर लेंगी वे।


हालांकि  ममता बनर्जी ने सोमवार को भरोसा जताया कि उनकी पार्टी ''बहुमत'' का आंकड़ा हासिल कर चुकी है। फिरभी उन्होंने राज्य में तैनात केन्द्रीय बलों पर मतदाताओं से ''दुर्व्यवहार'' करने का आरोप लगाया।


दीदी कैसे इंच इंच का हिसाब बराबर कर देंगी ,यह तो बाद की बात है।फिलहाल जहां वोट पड़ चुके हैं ,वहां विपक्षी एजंटों,नेताओं और कार्यकर्ताओं के अलावा वोटरों को भी सबक खूब पढ़ाया जा रहा है।हाथ पांव तोड़े जा रहे हैं।


Bengali TV Channel 24 Ghanta reports

বাম-কংগ্রেসের জোট, ফেভিকলের মজবুত জোড়, বললেন সূর্যকান্ত মিশ্রবাম-কংগ্রেসের জোট, ফেভিকলের মজবুত জোড়, বললেন সূর্যকান্ত মিশ্র

বাম-কংগ্রেসের জোট, ফেভিকলের মজবুত জোড়। পূর্ব মেদিনীপুরের চণ্ডীপুরের জনসভায় বললেন সূর্যকান্ত মিশ্র। সিপিএম রাজ্য সম্পাদকের দাবি, এই জোট রাজ্যে এক স্থায়ী সরকার দেবে। প্রায় একমাস অতিক্রান্ত। ভোট এসে ঠেকেছে তার শেষ দফায়। জয়ের দাবি আগেই করেছেন। বিরোধী দলনেতা এবার নিশানা করলেন প্রার্থী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়কে।

কোচবিহারের সভা থেকে ফের বাহিনীকে তোপ মমতা বন্দ্যোপাধ্যয়েরকোচবিহারের সভা থেকে ফের বাহিনীকে তোপ মমতা বন্দ্যোপাধ্যয়ের

কোচবিহারের সভা থেকে ফের বাহিনীকে তোপ মমতা বন্দ্যোপাধ্যয়ের। অভিযোগ করলেন, সিপিএম -বিজেপির কথা শুনে চলছে বাহিনী। তবে তৃণমূলের ক্ষমতায় ফেরা নিয়ে আত্মবিশ্বাসী তৃণমূল নেত্রী। বছর ছয়েক  আগেও  জঙ্গল মহল তখন অশান্ত। মাওবাদীদের বাড়াবাড়ি। সেসময় জঙ্গল মহলে গিয়ে কেন্দ্রীয় বাহিনী প্রত্যাহারের দাবিতে সরব হন তত্কালীন বিরোধী নেত্রী। এত বছর পর সেই বাহিনীর বিরুদ্ধে ফের সরব  মুখ্যমন্ত্রী মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়। অভিযোগ সিপিএম বিজেপির কথা শুনে চলছে বাহিনী।

হলদিবাড়িতে মুকুল রায়ের সভা বন্ধ করে দিল কমিশন, মুখ্যমন্ত্রীর সাফ ঘোষণা, 'জিতে গেছি'হলদিবাড়িতে মুকুল রায়ের সভা বন্ধ করে দিল কমিশন, মুখ্যমন্ত্রীর সাফ ঘোষণা, 'জিতে গেছি'

হলদিবাড়িতে মুকুল রায়ের সভা বন্ধ করে দিল কমিশন। হলদিবাড়ি কমলাকান্ত হাইস্কুলের মাঠে তৃণমূলের নির্বাচনী জনসভা চলছিল। বারোটা থেকে তিনটে পর্যন্ত মেখলিগঞ্জের তৃণমূল কংগ্রেস প্রার্থী অর্ঘ্য রায় প্রধানের সমর্থনে জনসভার অনুমতি নেওয়া হয়েছিল। সে সময় সেখানে হাজির হন কমিশনের কর্মীরা। তাঁরাই সভা বন্ধ করে দেন। সভা মঞ্চ ছাড়েন তৃণমূল নেতা মুকুল রায় এবং অভিনেতা দেব।

সুজন চক্রবর্তীর নির্বাচনী এজেন্টের বাড়িতে হামলা, অভিযুক্ত তৃণমূল  সুজন চক্রবর্তীর নির্বাচনী এজেন্টের বাড়িতে হামলা, অভিযুক্ত তৃণমূল

ভোট পরবর্তী হিংসা বাঘাযতীনের রবীন্দ্রপল্লীতে। সিপিএমের অভিযোগ, গতকাল রাতে যাদবপুর কেন্দ্রের প্রার্থী সুজন চক্রবর্তীর নির্বাচনী এজেন্ট বুদ্ধদেব ঘোষের বাড়িতে হামলা চালায় তৃণমূল কর্মীরা। মারধর করা হয় নির্বাচনী এজেন্ট বুদ্ধদেব ঘোষকে। এলাকার আরও আট থেকে দশটি সিপিএম কর্মীর বাড়িতে হামলা চালানো হয় বলে অভিযোগ।  চলে বাড়ি ভাঙচুর। বেশকয়েকটি বাইকও ভাঙচুর করা হয়। অন্যদিকে তৃণমূলের অভিযোগ, তাদের ওপরেই পাল্টা হামলা চালিয়েছে সিপিএম। পুলিসের বিরুদ্ধে পক্ষপাতিত্বের অভিযোগ তুলেছে তৃণমূল নেতৃত্ব। তাদের অভিযোগ, তৃণমূল কর্মীরা হামলায় আক্রান্ত হলেও পুলিসের লাঠির ঘায়েও তাদের বেশকয়েকজন তৃণমূল কর্মী জখম হয়েছেন।

টানা তাপপ্রবাহের পর খানিক স্বস্তি দিল কালবৈশাখীটানা তাপপ্রবাহের পর খানিক স্বস্তি দিল কালবৈশাখী

কবে বৃষ্টি আসবে? এত গরম যে আর সহ্য হচ্ছে না! মানুষের এত প্রার্থনার ফল বোধহয় মিলল। টানা তাপপ্রবাহের পর খানিক স্বস্তি। কলকাতা ছাড়া দক্ষিণবঙ্গের বেশ কিছু জেলায় দুপুরের পর থেকেই শুরু হয় ঝড়বৃষ্টি। বর্ধমান, হাওড়া,নদিয়া , মুর্শিদাবাদ, উত্তর চব্বিশ পরগনা, বাঁকুড়া, পূর্ব মেদিনীপুরের বেশ কিছু জায়গায় মানুষকে স্বস্তি দিয়েছে কালবৈশাখী। তবে এর মধ্যেই দুঃসংবাদ। মুর্শিদাবাদের হরিহরপাড়া থানার লালনগরে গাছের ডাল ভেঙে একজনের মৃত্যু হয়েছে। আবহাওয়া দফতর জানিয়েছে, বাতাসে জলীয় বাস্পের পরিমাণ বেড়ে যাওয়ায় বজ্রগর্ভ মেঘ তৈরি হয়েছে। তা থেকেই দক্ষিণ বঙ্গে এই ঝড়বৃষ্টি । বৃষ্টির সম্ভাবনা রয়েছে কলকাতাতেও।

জাল ভোটার ধরে ফেলায় বাম প্রার্থীর এজেন্টের বাড়িতে হামলাজাল ভোটার ধরে ফেলায় বাম প্রার্থীর এজেন্টের বাড়িতে হামলা

জাল ভোটার ধরে ফেলায় বাম প্রার্থীর এজেন্টের বাড়িতে হামলা। এমনই অভিযোগ উঠেছে হুগলির ধনেখালিতে। ধনেখালি বিধানসভা কেন্দ্রের আটত্রিশ নম্বর বুথের এজেন্ট ছিলেন শেখ জসিমুদ্দিন। তাঁর দাবি, গতকাল দুজন জাল ভোটারকে ধরে ফেলেন তিনি। এরপরই তাঁকে হুমকি দেওয়া হয় বলে অভিযোগ। অভিযোগ, আজ সকালে বাজারে গেলে, তাঁর ওপর হামলার চেষ্টা হয়।

অধীর চৌধুরীর দাবি, পরিবর্তন এখন সময়ের অপেক্ষাঅধীর চৌধুরীর দাবি, পরিবর্তন এখন সময়ের অপেক্ষা

জোট ক্ষমতায় এসেই গিয়েছে। এখন শুধু সময়ের অপেক্ষা। কোচবিহারে প্রচারে গিয়ে দাবি করলেন অধীর চৌধুরী। শেষবেলার প্রচারে চড়াসুরে আক্রমণের নিশানা করলেন মমতা বন্দ্যোপাধ্যায়কে। আর যেন তর সইছে না জোটের অন্যতম কারিগর অধীর চৌধুরীর। কারণ তাঁর দাবি, পরিবর্তন এখন সময়ের অপেক্ষা। প্রায় একমাসের ভোটযুদ্ধ এখন শেষ হওয়ার পথে। টি টোয়েন্টি ম্যাচের আর বাকি মাত্র কয়েক ওভার। পড়ে রয়েছে উত্তরের কোচবিহার আর দক্ষিণের পূর্ব মেদিনীপুর। ফিনিশিং টাচ, তাই নেতাদের বক্তব্যের সুর এখন সপ্তমে।

ভোটে তৃণমূলের হয়ে কাজ করায় বাবা-ছেলেকে বেধড়ক মারভোটে তৃণমূলের হয়ে কাজ করায় বাবা-ছেলেকে বেধড়ক মার

ভোটে তৃণমূলের হয়ে কাজ করায় বাবা-ছেলেকে বেধড়ক মার। অভিযোগ স্থানীয় সিপিএম নেতৃত্বের বিরুদ্ধে। মালদার মানিকচকের ঘটনা। আহত শেখ সইফুদ্দিন ও শেখ মাতুয়ারাকে মানিকচক স্বাস্থ্যকেন্দ্রে ভর্তি করা হয়েছে। তৃণমূলের দাবি, এবারের ভোটে মানিকচকের তৃণমূল প্রার্থী সাবিত্রী মিত্রের হয়ে কাজ করেন সুইফুদ্দিন ও মাতুয়ারা।

সালিশি সভায় মহিলাকে ধাক্কা মারার অভিযোগ, এর পরেই মৃত্যু হয় মহিলার!সালিশি সভায় মহিলাকে ধাক্কা মারার অভিযোগ, এর পরেই মৃত্যু হয় মহিলার!

জমিতে জল দেওয়া নিয়ে বিবাদের জের। সালিশি সভায় মহিলাকে ধাক্কা মারার অভিযোগ। এর পরেই মৃত্যু হয় মহিলার। জলপাইগুড়ির বারোপেটিয়ার ঘটনা। এসবই হয় স্থানীয় এক পঞ্চায়েত সদস্যের সামনে। ঘটনর সূত্রপাত আজ সকালে। জমিতে জল দেওয়া নিয়ে প্রতিবেশী সুরজ ওরাঁওয়ের সঙ্গে ঝামেলা বাধে জানকী রায় নামে ওই মহিলার। এর পরেই রঞ্জিত রায় নামে এক পঞ্চেয়েত সদস্যের উপস্থিতিতে সালিসি বসে। সেখানেই জানকী রায় নামে ওই মহিলাকে ধক্কা মারা হয় বলে দাবি।

ABP Anand reports:


চপারকাণ্ডে  কংগ্রেসকে নিশানা তৃণমূলের, রাজ্যসভা থেকে বের করে দেওয়া হল সুখেন্দুশেখরকে
চপারকাণ্ডে কংগ্রেসকে নিশানা তৃণমূলের, রাজ্যসভা থেকে বের করে দেওয়া হল সুখেন্দুশেখরকে

নয়াদিল্লি: রাজ্য-রাজনীতির উত্তাপের প্রভাব এবার রাজ্যসভাতে। অগুস্তাওয়েস্টল্যান্ড...

হরিদেবপুর: আক্রান্ত শিশুর বাড়িতে গিয়ে ক্ষোভের মুখে, বেরিয়ে অভিযুক্তকে সঙ্গে নিয়ে সভা, বিতর্কে শোভন
হরিদেবপুর: আক্রান্ত শিশুর বাড়িতে গিয়ে ক্ষোভের মুখে, বেরিয়ে অভিযুক্তকে সঙ্গে নিয়ে সভা, বিতর্কে শোভন

দক্ষিণ ২৪ পরগনা: প্রথমে হরিদেবপুরে আক্রান্ত শিশুর বাড়িতে গিয়ে ক্ষোভের মুখে। তারপর...


जनपद सोनभद्र में मई दिवस मनाने वाले मजदूरों पर झूठे मुकदमें दर्ज कर जेल भेज कर प्रशासन द्वारा मजदूरों क्रे श्रमाधिकारों का हनन

जनपद सोनभद्र में मई दिवस मनाने वाले मजदूरों पर झूठे मुकदमें दर्ज कर जेल भेज कर प्रशासन द्वारा मजदूरों क्रे श्रमाधिकारों का हनन


अखिल भारतीय वन जन श्रमजीवी यूनियन

दिनांक: 2 मई 2016

प्रेस विज्ञिप्त

विषयः जनपद सोनभद्र में मई दिवस मनाने वाले मजदूरों पर झूठे मुकदमें दर्ज कर जेल भेज कर प्रशासन द्वारा मजदूरों क्रे श्रमाधिकारों का हनन

    1 मई 2016

पूरी दुनिया में मई दिवस मजदूरों के त्यौहार के रूप में मनाया जाता है व इस पर्व के लिए उ0प्र0 सरकार द्वारा अवकाश भी घोषित है। 1 मई 2016 को हमारे यूनियन एवं जनपद सोनभद्र के रेणूकूट में स्वतंत्र श्रमिक संगठन मजदूर एकता संघ द्वारा मई दिवस मनाने की तैयारी की थी ताकि मजदूरों के मुददों पर विचार भी कर सके। सबसे पहले प्रशासन द्वारा मई दिवस मनाने की अनुमति प्रदान नहीं की जिसके लिए कई बार लिखित में प्रशासन को दिया गया। प्रशासन द्वारा कहा गया कि मई दिवस मनाने की अनुमति केवल मान्यता प्राप्त यूनियन को ही दी जा सकती है व नये श्रमिक संगठनों को यह अनुमति नहीं दी जाएगी। 29 अप्रैल 2016 को कार्यक्रम के मुख्य आयोजकों मजदूर एकता संघ के महासचिव अजित सिंह एवं मजदूर नेता विक्रम सिंह( जो की हिंडालको में कुशल लेकिन बदली श्रमिक रहे )  को थाना पिपरी के एस0ओ मनोज पांडे द्वारा सांय 6 बजे मई दिवस की रैली की अनुमति प्रदान करने के बहाने से बुलाया गया।  इन दोनेां मजदूर नेताओं को रात भर पिपरी थाने में बिठाये रखा व  इनपर यह दबाव डाला गया कि वे लिख कर दे कि '' अखिल भारतीय वन जन श्रमजीवी यूनियन जिनके साथ मिलकर मई दिवस मनाया जा रहा है वह नक्सली संगठन है व यूनियन की उपमहासचिव रोमा नक्सली है ''। यह लिखवाने से पुलिस के लिए मई दिवस की अनुमति को ख़ारिज करना आसान हो जाता। लेकिन मज़दूर साथी पुलिस के दबाव के आगे नहीं झुके व लिख कर देने से साफ इंकार कर दिया। तब उनके उपर झूठी तहरीर बनाई गई की यह मजदूर थाने के बाहर अनुमति प्रदान न किए जाने व अन्य मजदूर संगठन को अनुमति दिए जाने के खिलाफ बवाल कर रहे थे। उन्हें शंाति भंग करने की 151 धारा के तहत गिरफ्तार कर लिया गया व  दोनों को 30 अप्रैल की सुबह मिर्जापुर जेल भेज दिया गया। इस बाबत मेरे द्वारा 29 अप्रैल रात को 9 बजे से लेकर 10 बजे तक जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक को कई मर्तबा फोन किया गया व फोन द्वारा वार्ता के लिए संदेश भी भेजा गया लेकिन दोनों आला अफसरों ने न ही फोन उठाया और न ही हमसे बात करना मुनासिब समझा। 

रेणूकूट में एक ही गांधी मैदान है जहां पर वहां के नागरिक व मज़दूर कोई कार्यक्रम कर सकते हैं लेकिन यह मैदान मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठन सी0पी0आई के कब्ज़े में हैं जो कि कम्पनी के साथ सांठ गांठ कर इस मैदान पर अपना नियंत्रण बनाये रखते हैं। रेणूकूट में कम्पनी विरोधी कोई भी गतिविधि न हो पाए इसका ध्यान यह मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठन भी रखते हैंै।  ज्ञातव्य हों कि 2 सितम्बर 2015 को देश भर में 11 केन्दं्रीय मज़दूर संगठनों द्वारा हड़ताल की गई लेकिन यह हड़ताल रेणूकूट स्थित हिंडाल्कों कम्पनी में पुलिस एवं मान्यता प्राप्त संगठनों के सहयोग से नहीं की गई।  मई दिवस का कार्यक्रम करने के लिए मज़दूर एकता संघ स्वतंत्र यूनियन के नेताओं द्वारा सी0पी0आई के नेताओं से भी बात कर गांधी मैदान में सहयोग की बात की गई, लेकिन सी0पी0आई के नेताओं ने उन्हें कहा कि अगर मई दिवस मनाना है तो मजदूर एकता संघ को सी0पी0आई के बैनर तले आना होगा तभी गांधी मैदान में इस कार्यक्रम को करने की अनुमति दी जाएगी। इस पर अजित एवं उनके साथीयों ने विरोध किया तथा कहा कि मजदूर दिवस किसी एक पार्टी का या फिर एक श्रमिक संगठन का नहीं है इसलिए वे किसी के बैनर तले नहीं जाएगें। 

मई दिवस के कार्यक्रम को रेणूकूट में आयोजन करने के सिलसिले में मेरे साथ तीन अन्य महिला साथीयों सोंकालो गोण, शोभा भारती एवं शिवकुमारी द्वारा जिलाधिकार श्री चन्द्रभूष्ण सिंह से 28 अप्रैल को मुलाकात की गई व मई दिवस को रेणूकूट में मनाने के लिए अनुमति मांगी। जिसके लिए उन्हेांने आश्वस्त किया कि वह इस सम्बन्ध में पुलिस रिपोर्ट मांगेगें व हमें सूचित करेगें। लेकिन अगले ही दिन दो मजदूर नेताओं की गैरकानूनी रूप से गिरफ्तारी ने हमें अचंभित कर दिया व प्रशासन के इस गैर प्रजातांत्रिक रवैये पर सवालिया निशान लगा दिया। कार्यक्रम करने की अनुमति न दिए जाने के संदर्भ में लिखित में भी दिया जा सकता था लेकिन मई दिवस के कार्यक्रम को व्यक्तिगत मुददे से जोड़कर मासूम मजदूर नेताओं की जेल में भेजना निश्चित रूप से मानवाधिकारों का घोर उल्लंघन है व संविधान में अभिव्यक्ति की आजादी का खुला उल्लंघन है। 

सपा सरकार एवं सोनभद्र प्रशासन की यह कार्यवाही इस लिए की गई चूंकि वे भयभीत थे कि सोनभद्र के तमाम आंदोलन एक जगह संगठित हो रहे हैं। मजदूर दिवस के इस मौके पर वनाधिकार कानून के प्रभावी क्रियान्वन, कनहर बांध के लिए किए जा अवैध भू अधिग्रहण का विरोध, हिंडाल्कों कम्पनी द्वारा गैरकानूनी रूप से 250 बदली मजदूरों को बिना नोटिस दिए काम से निकाल देना, आदिवासी बालक मिथिलेश गोंण की हिंडाल्कों के डाक्टरों द्वारा लापरवाही के कारण 14 जुलाई 2013 को हुई मृत्यु, दलित महिला शोभा के घर पर माफियाओं द्वारा प्राणघातक हमला, भविष्य निधि में मजदूरों को रिटायरमेंट के बाद धन निकालने के आदेश व तमाम मजदूर वर्ग को सामाजिक सुरक्षा जैसे विभिन्न मुददे इसमें शामिल थे। प्रशासन, कम्पनी एवं शासन के लिए मजदूर वर्ग और गांवों से समुदाय की एकजुटता खतरे की घंटी है जिसे वे किसी भी कीमत पर होने नहीं देना चाहते। जनपद सोनभद्र में किसी भी विरोध को दबाने के लिए पुलिस प्रशासन खुले रूप से आदिवासी दलितों का दमन करने पर उतारू है। इसका ताजा उदाहरण कनहर बांध परियोजना में किए जा रहे अवैध भू अधिग्रहण के खिलाफ पिछले वर्ष जनआंदोलन था जिसमें प्रशासन द्वारा अम्बेडकर जयंती के दिन ही गोली चलाई गई एवं अकलू चेरो का घायल कर दिया गया। साथ ही 18 अप्रैल 2015 को आंदोलनकारी जनता पर प्राणघातक हमला कर कई महिलाओं, बच्चों और बूढ़ो को घायल कर दिया गया। इस बापत कई आंदोलनकारीयों को महीनों जेल में भी रहना पड़ा। इस गोलीकांड व अन्य ंिहंसक घटना पर अभी तक सरकार द्वारा दोषी अफसरों पर एक भी एफ0आई0आर दर्ज नहीं की गइ्र्र।  लेकिन आंदोलन पीछे नहीं हटा व इस आंदोलन की आग अन्य स्थानेां पर शोषित जनता के पास भी पहुंची। 

रेणूकूट हिंडाल्को कम्पनी में काम करने वाले 250 बदली मजदूरों को पिछले वर्ष बिना नोटिस दिए निकाल दिया गया। इसपर मजदूरों ने भूख हड़ताल की व कम्पनी एवं श्रमायुक्त को मजबूर किया कि वे उनके साथ समझौता करें। समझौते के अनुसार यह तय हुआ कि सभी मजदूरों को पुराने वेतन मान यानि 30000 रू पर फिर से नियुक्ति की जाए। समझौता होने के बावजूद भी कम्पनी द्वारा इसका पालन नहीं किया गया व आंदोलनकारी मजदूरों पर कम्पनी के गुंडों द्वारा लगातार हमला जारी रहा। कम्पनी ने मजदूरों को बाध्य किया कि वे 10000 के वेतन मान पर फिर से काम पर लौट सकते हैं लेकिन मजदूर इसपर सहमत नहीं हुए व उन्होंने अपनी मांगों की पूर्ति के लिए आंदोलन करने की ठानी। इन मजदूरों ने अखिर जनपद में चल रहे बाकि जनांदोलनों से जुड़ने की तैयारी की। और इसी जुड़ाव के तहत मजदूरों के शोषण को रोकने व शासन की गुंडागर्दी के खिलाफ आम लोगों को जागृत करने के लिए मई दिवस पर कार्यक्रम करने की तैयारी की गई। मई दिवस के इस ऐतिहासिक दिन पर हर साल हर  देश में  मज़दूर अपने संघर्षों के इतिहास से आपने आप को प्रेरित करते है ।  लेकिन कार्यक्रम करने से पहले ही अजित एवं विक्रम को झूठे मुकदमें में शांति भंग दिखा कर जेल भेज दिया गया। इस मामले में रेणूकूट के तमाम बड़े मान्यता प्राप्त श्रमिक संगठन खामोश खड़े तमाशा देख रहे हैं व दोनों नेता रात भर थाने में रहे उन्हें किसी भी राजनैतिक दल के कोई नेता न देखने गया व न ही किसी ने विरोध किया। प्रशासन की इस दमनात्मक रवैया पर हमारी यूनियन बेहद ही आक्रोषित है व हर तरफ आदिवासी, दलित एवं मजदूरों में इसका कड़ा विरोध किया जा रहा है। हमारी  यूनियन द्वारा इस सम्बन्ध में मुख्य मंत्री श्री अखिलेश यादव को पत्र लिख इस घटना पर कड़ी कार्यवाही करने के लिए लिखा है।

मई दिवस के इस त्यौहार पर जनांदोलन एवं जनसंगठनों का दमन करने की नीति शासन, प्रशासन एवं कम्पनी ने मिल कर तैयार की क्योंकि उन्हें डर है कि यह सब जनांदोलन अगर एकजुट हो जाएगें तो उनकी प्राकृतिक संसाधनों की लूट, जल जंगल जमींन की लूट एवं मजदूरों के श्रम की लूट में कामयाबी हासिल नहीं हो पाएगी। मौजूदा शासन प्रशासन श्रमजीवी समाज के निहत्थे  लोगों को मई दिवस के पर्व को न मनाने देने की नीति से ही यह स्पष्ट कर दिया  है कि सभी सरकारें कारपोरेट व कम्पनीयों की पिछलग्गू है व उन्हें जनता के मुददों से कोई लेना देना नहीं है। 
 इस प्रकरण को लेकर हमारी यूनियन जल्द ही देश व्यापी नीति बना कर उत्तरप्रदेश सरकार एवं सोनभद्र प्रशासन के खिलाफ एक बड़ा मोर्चा तैयार कर जनांदोलन को व्यापक करने का काम करेगी। तथा सभी जनांदोलनों को एक साथ ला कर इस भ्रष्ट तंत्र, पूंजीवाद, सांमतवाद एवं साम्प्रदायिकता व जातिवाद के खिलाफ व्यापक जनांदोलन तैयार करेगी। 

हमारी यूनियन यह मांग करती है कि 
- सरकार एवं प्रशासन द्वारा मज़दूर साथीयों पर लगाए गए तमाम फर्जी मुकदमें वापिस करे। 
- मई दिवस को कलंकित करने के जिम्मेदार अधिकारीयों के उपर अनुशासात्मक कार्यवाही हो। 
- श्रमिकों व आम जनता को संविधान में प्रदत्त अनुच्छेद का पालन कर उनके संवैधानिक अधिकारों को बहाल किया जाए।  
 
 रोमा 
उपमहासचिव
-- 
Ms. Roma ( Adv)
Dy. Gen Sec, All India Union of Forest Working People(AIUFWP) /
Secretary, New Trade Union Initiative (NTUI)
Coordinator, Human Rights Law Center
c/o Sh. Vinod Kesari, Near Sarita Printing Press,
Tagore Nagar
Robertsganj, 
District Sonbhadra 231216
Uttar Pradesh
Tel : 91-9415233583
Email : romasnb@gmail.com
http://jansangarsh.blogspot.com

Delhi off - C/o NTUI, B-137, Dayanand Colony, Lajpat Nr. Phase 4, NewDelhi - 110024, Ph - 011-26214538


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Appeal to NHRC for an open inquiry on series of atrocities on Dalits in Raigarh District of Chhattisgarh


Appeal to NHRC for an open inquiry on series of atrocities on Dalits in Raigarh District of Chhattisgarh


Before the National Human Rights Commission

Manav Adhikar Bhawan Block-C, GPO Complex, INA, New Delhi - 110023

At New Delhi, India

Case No      of   2016

Please send this petition to - covdnhrc@nic.in with your name

 

Between

1.       Degree Prasad Chouhan, S/o Gulap Chouhan

Age 36, Occ- Social Activist

R/o Village – Baradoli, Block – Pussore

District – Raigarh, Chhattisgarh – 496440 -------------------------------------------------Petitioner

 

Vs

 

1.       The chief secretary,

Government of Chhattisgarh

Raipur, Chhattisgarh

 

2.       The inspector and Director General of police

Government of Chhattisgarh

Raipur, Chhattisgarh

 

3.       The District collector,

District Raigarh, Chhattisgarh

 

4.       The District superintendent of Police

District Raigarh, Chhattisgarh -----------------------------------------------------------Respondents

 

Petition under section 12 of the protection of human rights act – 1993

 

Honorable sir

I would like to bring to your notice the brutal atrocities on scheduled castes in Raigarh district of Chhattisgarh state and negligence of police authorities in acting against the atrocities due to their collusion with accused. Which is gross violations of laws of the land and constitution

 

I am here with submitting to you the list of 16 cases in which police did not even filed FIR even after repeated appeals from the victims and I request your kind authorities to conduct an open inquiry and direct the concerned police officials to act according to the law.

 

Sl No

Details of the case

Accused

Police responsible

Status

1

Victim – Ganda Scheduled caste of village kokbahal, Tehsil – Baramkela, District Raigarh, Chhattisgarh

Details of Incident- February 2008

Incident – The Ganda Caste Dalits were boycotted from a religious function, they were made to pay donations to the religious function but when they attended to the Programme, they were denied entry. When tried to file an FIR, police called the dominant castes  and both police and dominant castes threatened the victims

False cases filed on Dalits and harassed them

Kolata caste individuals of Dongripali area 

Dongaripali police station, SDOP, Sarangarh, Raigarh District, Chhattisgarh 

FIR needs to filed

2

Victim – Ganda- scheduled castes of Jhilangitar, block – Pussore, district Raigarh, Chhattisgarh

Details of incident – government school head master Dilip sharma conducted a Gayatri Yagna and denied entry of Dalits – also denied mid-day meals to the Dalit students, asking Ganda caste students to eat outside of the school

Dilip Sharma, head master, government primary school Jhilangitar, Raigarh District, Chhattisgarh

Pussore police station, district Raigarh, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

3

Victim – Suriti Sarathi, Sarpanch of village Linjir, Block –Pussore

Details of Incident – Since the village sarpanch was a Dalit women, she was not allowed to hoisting the national flag  on 15th August 2010

Basudev Gupta

Jai jai ram gupta

Sampati gupta

Sunil Gupta

Dharmendra Upadhyay

Naresh sao

Manoj Upadhyay

Village – Linjir village, Raigarh district

Pussore police station, Raigarh District, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

4

Victim – Rambai Sarathi, village Kosamanda, Block, Pussore, district Raigarh, chhattiagarh

Details of incident – In September 2010, an SC boy was in love with OBC girl the dominant obc caste people called for a meeting and tried to parade the boy's mother naked. Victim's house was destroyed. The dominant castes of the village passed a resolution boycotting the victim from the village – this resolution also approved by the local MLA –Shakrajit Nayak

Rohit Patel

Gopi Patel

Kulmani Patel

Uddhav Pradhan

And others

Pussore police station, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

5

Victim – Arakhit sarthi, age 50, village Pussore nagar panchayat. Raigarh district

Details of incident – victim was discriminated and humiliated in the facilitation Programme where the Mohit Satpati of BJP denied the garland as it was touched by victim and the victim was a untouchable

Mohit Satpati, age 42,, pussore village, Raigarh district, Chhattisgarh

Police station Pussore, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

6

Victim – Surendra Chouhan, village Pussore, Raigarh district – Chhattisgarh.

Details of incident – Surendra Chouhan name was announced in the village as a encroacher by the government officials , but he was not an encroacher- felt humiliated he was committed suicide on November 2011

Amit Kataria, the then collector of Raigarh

Pussore police station, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

7

Victims – 35 Dalit families of Chhichhore Umaria. Their houses were demolished and crops were destroyed just because they claimed govt land under FRA, discrimination and social boycott  in 2011

Dominant castes of Chhichhore Umaria

Pussore police station, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed – needs execution of SC commission orders

8

Victim – Krishna chohan, Jagabandhu Chouhan, Nand lal Chouhan – 3 of them belongs to Dalit community of Ganda caste. – 2012 

Details of incident – Dalits were denied entry into a religious festival by village dominant castes and Dalits were attached and beaten-up 

Usatram kolta, Dasharath Kolta

Sanyasi Yadav and others

Pussore police station, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

9

Victim – Dasharath Chouhan (killed by the police ), he used to run a small shop on the road, police accused him of selling liquor and thrashed him, he died on  the spot - 2013

Sarangarh police, district Raigarh, Chhattisgarh

Sarangarh police, district Raigarh, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

10

Victim – Anganwadi assistant was a Dalit, she was discriminated on the name of her caste – village Tadola, Pussore, Raigarh district, Chhattisgarh- 2014

Reshma – Anganwadi worker, Tadola, Pussore block, Raigarh district, Chhattisgarh

Pussore police station, Raigarh district , chhattisgarhh

FIR needs to be filed

11

Victim – Devram Navrange, village goidaraha, Sarangarh tehsil, Raigarh district, Chhattisgarh.

The victim went for applying for a job of data entry operator, his application was denied and he was humiliated saying that he was a cow eater and mind also cow mind

Shyamabandhu patel, Nayan tara singh thomar, janpad panchayat, Sarangarh, Raigarh district 

Police Sarangarh, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

12

Victim – Dalit community of lailunga village – Ambedkar statue was broken by dominant castes, no case has been filed and no one is arrested

Suspected action of RSS individuals of lailunga, Raigarh district

Police lailunga, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

13

Victim – Manju Nirala – sarpanch of Barbhanta (a) was denied the hoisting of national flag on 15th August 2015

Digambar Sahu, Head master, Ramnarayana government middle school- barbhanta (a), Raigarh district

Police Sarangarh, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

14

Victim – Gokul Chouhan, Belpali village, Pussore, Raigarh district

Victim was a journalist he reported news about irregularities in the government school- the school head master is the land lord of the village thrashed the victim and abused on the name of caste   - September 2015

 

Lakhan patel, suraj patel, - government school – belpali, Pussore, Raigarh district

Police Pussore, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

15

Victim – Uttari Ganpat Jangde, chairperson of janpad panchayat, Sarangarh

He was discriminated by the CEO abused on the name of caste – not allowed to sit in the office. And locked the chairperson's room – 2016

Nayan Tara singh tomar , CEO, Sarangarh janpad panchayat, Raigarh district, Chhattisgarh

Police Sarangarh, Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

16

Victims- Gangaram sarthi and others, village – Amurra, block – Baramkela, district Raigarh

The victims were discriminated in a religious festival and their houses were dismantled and boycotted them from the village - 2016

Abhay patel Digo Brahmin, kapua maratha and other Maratha,Patel and Brahmin caste persons

Saria police station, Sarangarh SDOP Raigarh district, Chhattisgarh

FIR needs to be filed

 

Request your kind authority to conduct an open inquiry by visiting Raigarh district of Chhattisgarh on the above cases and pass an order as this authority is deem fit and proper

Deponent

Degree Prasad Chouhan

Date – 29th April 2016

Phone- 08889326269

Email – chouhandprasad@gmail.com


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कब तक होंगे हम गोलबंद? जल जंगल जमीन से जनता को बेदखल करने के लिए आपदााएं भी अब कारपोरट आयोजन जियेंगे तो साथ ,मरेंगे तो साथ,मई दिवस का संकल्प यही है। हिंदू राष्ट्र में खत्म हो रहे मेहनतकशों के वे हकहकूक,जो बाबासाहेब ने दिलवाये,तो फासिज्म के राजकाज के खिलाफ बहुजनों को ही मेहनतकशों की लड़ाई का नेतृत्व करना होगा।हम अपनी ताकत नहीं जानते और संसाधन हमारे हैं और देश भी हमारा है,हम यह भी नहीं जानते। इकलौता मरने के बदले हम अपनी ताकत को देस में बदलाव के लिए खड़ी करें और अपने सारे संसाधनों को सक्रिय करके लड़ने के लिए तैनात करें तो कारपोरेट केसरिया आतंकवाद का अंत है।जियेंगे तो साथ ,मरेंगे तो साथ,मई दिवस का संकल्प यही है। 75 साल के सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता की चेतावनीःपढ़े लेिखे लोगों की चमडी़ वातानुकूलत हो गयी है और वे किसी भी तरह के जनसरोकार से कोई वास्ता नहीं रखते और न किसी मिशन,विचारधारा या आंदोलन में उनकी कोई दिलचस्पी है और वे तमाम कार्यक्रमों की रस्म अदायगी के जरिये सत्ता से नत्थी होकर अपना मोल बढ़ाने के फिराक में बाबासाहेब का नाम लेकर रस्म अदायगी करते हैं और देश में कहीं अंबेडकरी आंदोलन

कब तक होंगे हम गोलबंद?

जल जंगल जमीन से जनता को बेदखल करने के लिए आपदााएं भी अब कारपोरट आयोजन

जियेंगे तो साथ ,मरेंगे तो साथ,मई दिवस का संकल्प यही है।

हिंदू राष्ट्र में खत्म हो रहे मेहनतकशों के वे हकहकूक,जो बाबासाहेब ने दिलवाये,तो फासिज्म के राजकाज के खिलाफ बहुजनों को ही मेहनतकशों की लड़ाई का नेतृत्व करना होगा।हम अपनी ताकत नहीं जानते और संसाधन हमारे हैं और देश भी हमारा है,हम यह भी नहीं जानते।


इकलौता मरने के बदले हम अपनी ताकत को देस में बदलाव के लिए खड़ी करें और अपने सारे संसाधनों को सक्रिय करके लड़ने के लिए तैनात करें तो कारपोरेट केसरिया आतंकवाद का अंत है।जियेंगे तो साथ ,मरेंगे तो साथ,मई दिवस का संकल्प यही है।


75 साल के सफाई कर्मचारी यूनियन के नेता की चेतावनीःपढ़े लेिखे लोगों की चमडी़ वातानुकूलत हो गयी है और वे किसी भी तरह के जनसरोकार से कोई वास्ता नहीं रखते और न किसी मिशन,विचारधारा या आंदोलन में उनकी कोई दिलचस्पी है और वे तमाम कार्यक्रमों की रस्म अदायगी के जरिये सत्ता से नत्थी होकर अपना मोल बढ़ाने के फिराक में बाबासाहेब का नाम लेकर रस्म अदायगी करते हैं और देश में कहीं अंबेडकरी आंदोलन जैसे नहीं है वैसे ही मजदूर आंदोलन भी नहीं है।मेहनतकशो की हक हकूक की लड़ाई आखिरकार इन पढ़े लिखे लोगों के भरोसे हो नहीं सकती और हर कीमत पर दुनिया के गरीबों को गोलबंद होना होगा वरना हम सारे लोग मारे जायेंगे।

पलाश विश्वास

हिंदू राष्ट्र में खत्म हो रहे मेहनतकशों के वे हकहकूक,जो बाबासाहेब ने दिलवाये,तो फासिज्म के राजकाझ के खिलाफ बहुजनों को ही मेहनतकशों की लड़ाई का नेतृत्व करना होगा।


मध्य कोलकाता के बुद्ध मंदिर में कल हमने मई दिवस मनाया कोलकाता में और जल जंगल जमीन नागरिकता और मानवाधिकार की लड़ाई जारी रखने के लिए देश के भीतर,सरहदों के आर पार समूचे विश्व में मानव बंधन बनाने की संकल्प लिया।तपती हुई दुपहरी से लोग देर शाम तक विचार विनिमय करते रहे तो उधर हिमालय जलकर राख होता रहा कि जल जंगल जमीन से जनता को बेदखल करने के लिए आपदााएं भी अब कारपोरट आयोजन हैं।


वक्ताओं ने विस्तार से यह रेखांकित किया की मई दिवस की शहादत के पीछे मेहनतकशों के हक हकूक की जो मांगें उठीं,अमेरिका की उस सरजमीं पर उन्ही हक हकूक के खात्मे के लिए ग्लोबल मनुस्मृति राज का वैश्वक ंत्तर मंत्रयंत्र का मुख्यालय है और आजाद भारत उसका मुकम्मल उपनिवेश है।


वक्ताओं ने बाबासाहेब की मूर्तियां बनाने के अभूतपूर्व अभियान के तहत बाबासाहेब के आंदोलन,उनके विचार और उनके मिशन को खत्म करने के केसरिया आंतकवाद के आगे आत्मसमर्पण की आत्मघाती बहुजन राजनीति पर तीखे प्रहार भी किये।इसी सिलसिले में बंगाल के केसरियाकरण को पूरे देश के लिए बेहद खतरनाक माना गया।


बंगाल के युवा सामाजिक कार्यकर्ता शरदिंदु विश्वास ने मई दिवस के इतिहास और मई दिवस के चार्टर और शहादतों की विस्तार से चर्चा की और वक्ता इस पर सहमत थे कि भारत के मेहनतकशों के असल नेता बाबासाहेब थे,इसलिए मेहनतकशों की लड़ाई में अंबेडकरी अनुयायियों को बाबासाहेब के जाति उन्मूलन के मिशन को प्रस्थानबिंदू मानकर हक हकूक की लड़ाई का हीरावल दस्ता बनना चाहिए।


रिसड़ा से आये सफाई मजदूरों के राष्ट्रीय नेता वे पेशे से शिक्षक पचत्तर वर्षीय ईवी राजू की भड़ास से हम तमाम लोग जो बंगला के विभिन्न हिस्सों में सक्रियअंबेडकरी संगठनों,मजदूर संगठनों के सक्रिय नेता कार्यकर्ता थे,हतप्रभ रह गे।


उनने खुल्लाखुल्ला कहा कि पढ़े लेिखे लोगों की चमडी़ वातानुकूलत हो गयी है और वे किसी भी तरह के जनसरोकार से कोई वास्ता नहीं रखते और न किसी मिशन,विचारधारा या आंदोलन में उनकी कोई दिलचस्पी है और वे तमाम कार्यक्रमों की रस्म अदायगी के जरिये सत्ता से नत्थी होकर अपना मोल बढ़ाने के फिराक में बाबासाहेब का नाम लेकर रस्म अदायगी करते हैं और देश में कहीं अंबेडकरी आंदोलन जैसे नहीं है वैसे ही मजदूर आंदोलन भी नहीं है।मेहनतकशो की हक हकूक की लड़ाई आखिरकार इन पढ़े लिखे लोगों के भरोसे हो नहीं सकती और हर कीमत पर दुनिया के गरीबों को गोलबंद होना होगा वरना हम सारे लोग मारे जायेंगे।


हम चूंकि 17 मई से सड़क पर होंगे,इसलिए आगे की कार्यजोजना पर हमने विस्तार से चर्चा की और संस्थगत सामाजिक आंदोलन की रुपरेखा पेश की।क्योंकि निरंकुश सत्ता के मुकाबले तमाम सामाजिक शक्तियों की साझा मोर्चाबंदी के बिना बाबासाहेब के मिशन को अंजाम देना मुस्किल ही नहीं नामुमकिन है।


गौरतलब है कि ब्रिटिश भारत में 1942 मे श्रममंत्री बने बाबासाहेब 1946 तक मेहनतकशों के हक हकूक के लिए मई दिवस के चार्टर के मुताबिक सारे कायदे कानून बनाये तो भारतीय संविधान की रचना के वक्त भी श्रमजीव वर्ग और औरतों,वंचितों और आदिवासियों  के हक हकूक के लिए रक्षा कवच के प्रावधान भी किये।उनने भारत में ब्रिटश राज में इंडिपेंडेंट लेबर पार्टी बनायी तो मेहनखसों की हक हकूक की लड़ाई के बिना बाबासाहेब के नाम किसी भी तरह का आंदोलन बेमानी है।


गौरतलब है ब्रिटिश राज में बाबासाहेब ने जो कानूनी  हकहकूक मेहनतकशों के लिए सुनिश्चित कर दिये,मुक्तबाजारी हिंदू राष्ट्र में संपूर्ण निजीकरण,संपूर्ण बाजारीकरण और अबाध पूंजी निवेश के कयामती आलम में वे सारे कायदे कानून खत्म हो गये तो न मजदूर यूनियनों ने इसका प्रतिरोध किया और न पूना समझौते के तहत राजनीतिक आररक्षण से चुने हुए प्रतिनिधियों ने इसका किसी भी स्तर पर विरोध किया।


पहाड़ से हमारे साथी राजा बहुगुणा ने लिखा हैः


उत्तराखंड के जंगलों में लगी आग से मैं विचलित व आहत महसूस कर रहा हूं।इस भीषण आग से हुए नुकसान का रूपयों में आकलन करना हास्यास्पद है।कडे शब्दों में कहूं तो लुटेरे तंत्र की न यह औकात है और न ही उसके पास दिमाग है कि वह पूरी स्थिती का सही आकलन कर सके।अभी तक इस आग के लिए एक महिला व एक पुरूष को दोषी ठहराने की खबर आ रही है और लगता है कि गाज स्थानीय लोगो पर ही पडेगी।इधर केन्द्र सरकार व गृहमंत्री के बयान से लग रहा है कि जैसे वह आग बुझाने के कार्य में युद्ध स्तर पर जुट गई है।इस पर मैं यही कहूंगा -सब कुछ लुटाके होश में आए तो क्या हुआ।देख लेना यह कवायद भी क्षणिक साबित होगी।लगता है भीषण सूखे की संभावना के बाबजूद एडवांस में जरूरी सुरक्षा उपाय किए ही नहीं गए थे।दूसरा जंगलों को बचाने के लिए सक्षम उपकरण आज तक नहीं बना है।इसके लिए निश्चित रूप से नीति नियंता दोषी हैं।यहां पर यह भी कहूंगा कि यदि जंगलों पर जनता का अधिकार हो तो तब ही उनका बेहतर विकास व सुरक्षा हो सकती है।केवल ऐसा करने से सक्षम उपकरण बन सकता है।वन कानूनों ने लगातार वनों के प्रति जनता के अलगाव को बढाया है।उत्तराखंड राज्य की मांग में जल,जंगल,जमीन पर जनता का अधिकार सबसे महत्वपूर्ण मांग थी जिसे लुटेरे शासकों ने जमींदोज कर दिया है।

Labour Day celebration & Babasaheb Dr Ambedkar 2016 by National Social Movement of India at kolkata

মে দিবস উদযাপন এবং বাবাসাহেব ডঃ আম্বেদকর ২০১৬, কোলকাতা


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Sunday, May 1, 2016

Any Space for creativity with human cause in Erotica Carnival?Any Help?Mission? I am looking for a space to share my experience in creativity beyond language, grammar, aesthetics,medium and genre with the generation next and I have no resource.It might become an institute of grooming creativity and humanities beyond discipline.Any scope whatsoever? Palash Biswas

Any Space for creativity with human cause in Erotica Carnival?Any Help?Mission?

I am looking for a space to share my experience in creativity beyond language, grammar, aesthetics,medium and genre with the generation next and I have no resource.It might become an institute of grooming creativity and humanities beyond discipline.Any scope whatsoever?

Palash Biswas

I am looking for a space to share my experience in creativity beyond language, grammar, aesthetics,medium and genre with the generation next and I have no resource.It might become an institute of grooming creativity and humanities beyond discipline.


I have decided to stay in Kolkata after my retirement.I live in a rented house and the expected pension should not be more than Rs,Two thousand per month.I have a serious problem to sustain my family after 17th May and I have to continue what I have been all these years.It is tougher equation than the making in mandate itself.


It is time for Erotica in Free Market carnival and I am scheduled to retire on 17th May next on the eve of my birthday.I am obliged if the institution famous worldwide for its courage for journalism pleased enough to set me free at this critical juncture.


Rather it would be a time to celebrate irrespective of the challenge to resettle on ground zero.An acid test for my creativity!


I have no space or opportunity  to express my gratitude to everyone who had been associated with me during last 36 years of professional journalism including last twenty five years in Indian Express Group.


Thanks everyone!

I enjoyed  freedom of expression beyond my identity,color and language.I have no regret and no complaint.


Though I would have liked to continue in journalism as it has always been my survival kit as well as the forum on which I could connect to every bit of humanity worldwide.Options opened!I am now ready to respond to any call from anywhere!


I am mentally and physically fit and ready to work lifelong until I die.I have been writing for newspapers in different languages since 1973 as soon as I passed my High School exam under UP board from a refugee Dalit colony in the Terai of the Hiamalyas in then district Nainital and shifted myself in GIC under the DSB capmpus in Nainital.


Since 1973 Nainital has always been my hometown!


The fire broken in the Himalayas has set my heart and mind on fire and the heart is bleeding and I have no avenue to get back home.


However,I am always at home and stand with my people whatever may come,never mind!


I never wrote a single word without any cause since I joined Dainik Awaz in Dhanbad on 20 th Aprin,1980.


Neither I would be writing erotica in future to save my skin.Rather I would like to immerse myself in the streams of the suffering humanity residing countrywide.


I am sharing some photos by Sukhmoy,Guddu,the son of Mr. and Mrs S Guha Majumdar,Bengal Hotel,Malroad Nainital.I stayed with the family most of the time in Nainital and MR. And Mrs Majumdar had always been my guardians in Nainital.


Photos by 

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