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Sunday, September 13, 2015

मोदी और अमित शाह से गुप्त बैठक के बाद महागठबंधन से अलग हुए मुलायम-रिहाई मंच

मोदी और अमित शाह से गुप्त बैठक के बाद महागठबंधन से अलग हुए मुलायम-रिहाई मंच

-- RIHAI MANCH
For Resistance Against Repression
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मोदी और अमित शाह से गुप्त बैठक के बाद महागठबंधन से अलग हुए मुलायम-रिहाई मंच
मोदी और अमित शाह से मुलायम और राम गोपाल की मुलाकात पर क्यों चुप हैं आजम खान
रामगोपाल के बेटे अक्षय यादव और बहू रिचा यादव को यादव सिंह ने पहुंचाया लाभ
जेल जाने के डर से मुलायम का कुनबा भाजा को बिहार में कर रहा है मदद

लखनऊ 13 सितम्बर 2015। रिहाई मंच ने मीडिया में आई इन रिपोर्टाें को सपा
का भाजपा के साथ गुप्त तालमेल साबित करने वाला बताया है जिसमें तथ्यों के
साथ यह बताया गया है कि बिहार चुनाव में राजद, जदयू और कांग्रेस के
महागठबंधन से अलग होने का निर्णय मुलायम सिंह ने मोदी और अमित शाह से
गुप्त मुलाकात के बाद लिया है।

रिहाई मंच के अध्यक्ष मोहम्मद शुऐब ने जारी प्रेस रिलीज में कहा है कि
जिस तरह मीडिया में आई रिर्पोटें यह बता रही हैं कि 27 अगस्त को मुलायम
सिंह यादव और उनके भाई रामगोपाल यादव ने नरेंद्र मोदी से एक घंटे तक बंद
कमरे में बैठक की और उसके बाद ही बिहार चुनाव के लिए महागठबंधन की तरफ से
30 अगस्त को होने वाली स्वाभिमान रैली में खुद शामिल न होने सम्बंधित
बयान दिया और रैली में शिवपाल यादव के शामिल होने के ठीक दूसरे दिन 31
अगस्त को फिर रामगोपाल यादव और अमित शाह के बीच एक घंटे तक मुलाकात के
बाद, 2 सितम्बर को जिस तरह सपा ने महागठबंधन से अपने को अलग कर लिया वह
सपा और भाजपा के रिश्ते को उजागर करने के लिए पर्याप्त है।

रिहाई मंच नेता ने कहा कि जिस तरह रिपोर्ट में यह बताया गया है कि अमित
शाह और रामगोपाल यादव के बीच 31 अगस्त को हुयी बैठक अमित शाह और बिहार
चुनाव में उसके गठबंधन के दूसरे सहयोगी दलों लोजपा, हिंदुस्तान अवाम
मोर्चा, आरएलसपी के नेताओं के साथ दोपहर के भोजन से ठीक पहले खत्म हुयी
वह यह भी साबित करता है कि भाजपा और उसके घटक दल सीटों के बंटवारे में
सपा की अपने पक्ष मंे भूमिका निभा पाने की क्षमता को भी ध्यान में रख रहे
हैं। रिहाई मंच नेता ने कहा कि मुलायम और भाजपा के बीच गुप्त गठजोड़ पर
सपा के मुस्लिम चेहरे आजम खान को अपना पक्ष रखना चाहिए और यह बताना चाहिए
कि बहुत ज्यादा बोलने वाली उनकी जबान इस मसले पर खुद अपनी मर्जी से खामोश
है या फिर मुलायम परिवार के दबाव मंे खामोश है।

रिहाई मंच नेता राजीव यादव और शाहनवाज आलम ने कहा कि महागठबंधन से अलग
होने की वजह सपा के नेता यह बता रहे हैं कि उन्हें गठबंधन में उनकी
हैसियत से कम सीटें दी जा रही थीं। जबिक वे यह नहीं बता रहे हैं कि उनकी
वहां कोई हैसियत ही नहीं है और 2010 के चुनाव में सपा ने जिन 146 सीटांे
पर चुनाव लड़ा था उन सबमंे उसकी जमानत जब्त हो गई थी। रिहाई मंच नेताओं
ने कहा कि गुजरात में भी मुलायम सिंह सभी सीटों पर अपने प्रत्याशी उतारकर
भाजपा को इसी तरह मदद पहंुचाते रहे हैं। रिहाई मंच नेताओं ने कहा कि
बिहार चुनाव में चाहे जीत जिसकी हो यूपी में मुलायम और उनके परिवार की
मुस्लिम के प्रति भीतरघात वाली राजनीति का खात्मा अब तय है क्योंकि अब
मुसलमान उनके असली भगवा चेहरे को पहचान चुका है और वह अब सपा के लिए
मुस्लिम वोटों का जुगाड़ करने वाले उसके मुस्लिम चेहरों की भी सच्चाई जान
चुका है जो विधानसभा में भारी तादाद में होने के बावजूद आज तक मुसलमानों
से किये गये चुनावी वादों पर एक शब्द तक नहीं बोलते हैं।

रिहाई मंच नेताओं ने कहा कि मीडिया में आया यह रहस्य उद्घाटन कि रामगोपाल
यादव के बेटे और फिरोजाबाद से सांसद अक्षय यादव और उनकी पत्नी रिचा यादव
को यादव सिंह के करीबी राजेश कुमार मनोचा की कम्पनी एनएम बिल्डवेल और
मैक्काॅन इंफ्रा के मालिक जिसकी डायरेक्टर यादव सिंह की पत्नी कुसुमलता
भी रह चुकी हैं में रजिस्ट्रार आॅफ कम्पनीज (आरओसी) के मुताबिक दस हजार
शेयर हैं और जिसकी जांच आयकर विभाग कर रहा है, साफ करता है कि मुलायम
सिंह यादव का पूरा कुनबा भ्रष्टाचार में आकंठ डूबा हुआ है और इसीलिए यादव
सिंह मामले की सीबीआई जांच के अदालती आदेश के खिलाफ वह सुप्रीम कोर्ट तक
में जाती है। यादव परिवार जेल जाने की डर से भाजपा को चुनावी लाभ
पहंुचाने के लिये बिहार में प्रत्याशी खड़े कर रही है। रिहाई मंच नेताओं
ने कहा कि संगठन जल्द ही सपा और भाजपा के बीच पिछले दो दशकांे से चल रहे
गुप्त गठजोड़ और उसके द्वारा संघ परिवार के मुस्लिम विरोधी एजंेडे को आगे
बढ़ाने की कोशिशों पर दस्तावेज जारी करेगा।

द्वारा जारी
शाहनवाज आलम
प्रवक्ता, रिहाई मंच
09415254919
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Office - 110/46, Harinath Banerjee Street, Naya Gaaon Poorv, Laatoosh
Road, Lucknow
E-mail: rihaimanch@india.com
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