Palash Biswas On Unique Identity No1.mpg

Unique Identity No2

Please send the LINK to your Addresslist and send me every update, event, development,documents and FEEDBACK . just mail to palashbiswaskl@gmail.com

Website templates

Zia clarifies his timing of declaration of independence

What Mujib Said

Jyoti basu is DEAD

Jyoti Basu: The pragmatist

Dr.B.R. Ambedkar

Memories of Another Day

Memories of Another Day
While my Parents Pulin Babu and basanti Devi were living

"The Day India Burned"--A Documentary On Partition Part-1/9

Partition

Partition of India - refugees displaced by the partition

Friday, February 12, 2016

एक ऐसे दौर में जब पहली बार “जातिवाद- ब्राह्मणवाद” के खिलाफ पुरे देश में व्यापक इतिहासिक जन उभार पैदा हो रहा था और जो एक बहुत बड़े बदलाव का सपना सजोय देशव्यापी आन्दोलन की दिशा में बढ़ रहा था फिर आखिर क्या जरुरत थी इस पुरे आन्दोलन की दिशा को “सामंतवाद- साम्प्रदायिकता” के खिलाफ आन्दोलन में बदलने की l इक बार फिर आपने रणनीतिक चुक कर दी है l या फिर एक सोची समझी रणनीति के तहत दबे कुचले वर्ग के नेतृत्व में जातिवाद- ब्राह्मणवाद के खिलाफ उबरते देशव्यापी आन्दोलन की दिशा को “सामंतवादी- साम्प्रदायिकता” के खिलाफ आन्दोलन बदलने की कोशिश हो रही हैl


 
Arun Khote and आर. जी. कुरील posted in DALIT DASTAK MOBILE NEWS CHANNEL.
 
   
Arun Khote
February 13 at 5:56am
 
जे एन यु के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैय्या की गिरफ़्तारी की कड़ी निंदा करता हूँ l 

कल जबसे जे एन यु के छात्रसंघ अध्यक्ष कन्हैय्या की गिरफ़्तारी की सूचना आई है तब से बहुत असहज, व्यथित और चिंतित हूँ l कल ही सुबह वायरल हुई कन्हैया के भाषण की क्लिप के साथ यह चिंता बहुत बढ़ गई थी l 

आज़ादी के बाद शायद पहली बार "जातिवाद-ब्राह्मणवाद" के खिलाफ उठे स्वत स्फूर्त जन उभार के अभी एक बड़े आन्दोलन में बदलने की शुरुवात भी नहीं हुई थी कि उसे कुचलने के कुचक्र चलने लगे l 

रोहित के बलिदान के बाद से ही मैं अपनी बातचीत के दौरान पुरे देश भर के दलित सामाजिक-राजनैतिक कार्यकर्ताओं से इस खतरे से सतर्क हो कर इस स्वत स्फूर्त स्थिति को जातिवाद ब्राह्मणवाद के खिलाफ एक सचेत आन्दोलन में बदलने की दिशा में कार्य करने की आवश्यकता पर जोर दे रहा था l 

सबसे बड़ा खतरा भी बाहर से ज्यादा अंदर से था l 

"जातिवाद-ब्राह्मणवाद" के खिलाफ दलित नेतृत्व में देशव्यापी आन्दोलन को "सामंतवादी- साम्प्रदायिकता" के खिलाफ आन्दोलन में बदलने की कोशिशों बदलने खतरा रोहित वेमुला के शहीद होने के बाद से ही पैदा हो गया थाl 

अम्बेडकरवादी छात्र संगठनों के नेतृत्व में हैदराबाद से शुरू हुआ आन्दोलन कब छिटक कर जेएनयु में वामधारा में समाहित हो जायेगा इसका पूरा खतरा शुरू से ही था जो अब और स्पष्ट होता जा रहा है l 

एक ऐसे दौर में जब पहली बार "जातिवाद- ब्राह्मणवाद" के खिलाफ पुरे देश में व्यापक इतिहासिक जन उभार पैदा हो रहा था और जो एक बहुत बड़े बदलाव का सपना सजोय देशव्यापी आन्दोलन की दिशा में बढ़ रहा था फिर आखिर क्या जरुरत थी इस पुरे आन्दोलन की दिशा को "सामंतवाद- साम्प्रदायिकता" के खिलाफ आन्दोलन में बदलने की l 

इक बार फिर आपने रणनीतिक चुक कर दी है l 

या फिर एक सोची समझी रणनीति के तहत दबे कुचले वर्ग के नेतृत्व में जातिवाद- ब्राह्मणवाद के खिलाफ उबरते देशव्यापी आन्दोलन की दिशा को "सामंतवादी- साम्प्रदायिकता" के खिलाफ आन्दोलन बदलने की कोशिश हो रही हैl 

कामरेड ! आखिर आपकी पालटिक्स क्या है ?????????
 
Like
Comment
 
 
   
   
 
View on Facebook
   
Edit Email Settings

--
Pl see my blogs;


Feel free -- and I request you -- to forward this newsletter to your lists and friends!

No comments:

Post a Comment